सोमवार, 10 फ़रवरी 2025

*राजेन्द्र के घर पर श्रीरामकृष्ण*

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*टगा टगी जीवन मरण, ब्रह्म बराबरि होइ ।*
*परगट खेलै पीव सौं, दादू बिरला कोइ ॥*
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साभार ~ श्री महेन्द्रनाथ गुप्त(बंगाली), कवि श्री पं. सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’(हिंदी अनुवाद)
साभार विद्युत् संस्करण ~ रमा लाठ
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*परिच्छेद ४*
*राजेन्द्र के घर पर श्रीरामकृष्ण*
*(१)राम, मनोमोहन आदि के संग में*
राजेन्द्र मित्र का घर ठनठनिया में बेचु चटर्जी की गली में है । मनोमोहन के घर पर उत्सव के दिन श्री केशव ने राजेन्द्र बाबू से कहा था, 'आपके घर पर इसी प्रकार एक दिन हो तो अच्छा है ।' राजेन्द्र आनन्दित होकर उसी की तैयारी कर रहे हैं ।
आज शनिवार है, १० दिसम्बर १८८१ ई. । आज उत्सव होना निश्चित हुआ है । अनेक भक्त पधारेंगे - केशव आदि ब्राह्म भक्तगण भी आयेंगे ।
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इसी समय उमानाथ ने राजेन्द्र को ब्राह्मभक्त भाई अघोरनाथ की मृत्यु का समाचार सुनाया । अघोरनाथ ने लखनऊ शहर में रात्रि के दो बजे शरीर-त्याग किया है, उसी रात को तार द्वारा यह समाचार आया है । (८ दिसम्बर, १८८१ ई.) । उमानाथ दूसरे ही दिन यह समाचार ले आये हैं । केशव आदि ब्राह्मभक्तों ने अशौच ग्रहण किया है । यह सोचकर कि शनिवार को वे कैसे आयेंगे, राजेन्द्र चिन्तित हो रहे हैं ।
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राम राजेन्द्र से कह रहे हैं, "आप क्यों सोच रहे हैं ? केशव बाबू नहीं आयेंगे तो न आये । श्रीरामकृष्ण तो आयेंगे । आप तो जानते ही है कि वे सदा समाधिमग्न रहा करते हैं । उनकी कृपा से दूसरे को भी ईश्वर का दर्शन हो सकता है । उनकी उपस्थिति से यह उत्सव सफल हो जायगा ।"
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राम, राजेन्द्र, राजमोहन व मनोमोहन केशव से मिलने गये । केशव ने कहा "कहाँ, मैंने ऐसा तो नहीं कहा कि मै नहीं आऊँगा । श्रीरामकृष्णदेव आयेंगे और मैं न आऊँगा ? - अवश्य आऊँगा; अशौच हुआ है तो अलग स्थान पर बैठकर खा लूँगा ।"
केशव राजेन्द्र आदि भक्तों के साथ वार्तालाप कर रहे हैं । कमरे में श्रीरामकृष्ण का समाधि-चित्र टँगा हुआ है ।
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राजेन्द्र - (केशव के प्रति) - श्रीरामकृष्णदेव को अनेक लोग चैतन्य का अवतार कहते हैं ।
केशव - (समाधि-चित्र को देखकर) - इस प्रकार की समाधि प्रायः नहीं देखी जाती । ईसा मसीह, मुहम्मद, चैतन्य इनको हुआ करती थी ।
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दिन के तीन बजे के समय मनोमोहन के घर पर श्रीरामकृष्ण पधारे । वहाँ पर विश्राम करके थोड़ा जलपान किया । फिर सुरेन्द्र उन्हें गाड़ी पर चढ़ाकर 'बेंगाल फोटोग्राफर' के स्टुडिओ में ले गये । फोटोग्राफर ने कैसे फोटो लिया जाता है दिखा दिया । काँच के पीछे सिलवर नाइट्रेट (Silver Nitrate) लगायी जाती है, उस पर फोटो उतरता है - यह सब बतला दिया ।
(क्रमशः)

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