परमगुरु ब्रह्मर्षि श्री दादूदयाल जी महाराज की अनुभव वाणी

मंगलवार, 25 अप्रैल 2017

= ४ =

卐 सत्यराम सा 卐
शब्दों मांहिं राम-रस, साधों भर दीया ।
आदि अंत सब संत मिलि, यों दादू पीया ॥ 
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साभार ~ Chetna Kanchan Bhagat

"मन" बड़ा चमत्कारी है, .... इसके ......
आगे "न" लगाने पर वह नमन हो जाता है 
और पीछे "न" लगाने पर मनन हो जाता है
जीवन में नमन और मनन करते चलिए 
जीवन सफल ही नहीं सार्थक भी हो जाएगा.... !!

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