परमगुरु ब्रह्मर्षि श्री दादूदयाल जी महाराज की अनुभव वाणी
शुक्रवार, 2 जनवरी 2015
दादू कर सांई की चाकरी
#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
दादू कर सांई की चाकरी, ये हरि नाम न छोड़ । जाना है उस देश को, प्रीति पिया सौं जोड़ ॥ आपा पर सब दूर कर, राम नाम रस लाग । दादू अवसर जात है, जाग सकै तो जाग ॥
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें