🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🙏 *श्री दादूदयालवे नमः ॥* 🙏
🌷 *#श्रीसुन्दर०ग्रंथावली* 🌷
रचियता ~ *स्वामी सुन्दरदासजी महाराज*
संपादक, संशोधक तथा अनुवादक ~ स्वामी द्वारिकादासशास्त्री
साभार ~ श्री दादूदयालु शोध संस्थान
अध्यक्ष ~ गुरुवर्य महमंडलेश्वर संत श्री १०८ स्वामी क्षमारामजी महाराज
https://www.facebook.com/DADUVANI
.
*सर्वांगयोगप्रदीपिका१ (ग्रंथ२)*
*भक्तियोग नामक द्वितीय उपदेश*
.
*मन्त्राभ्यासविधि*
*सुगम उपाई और सदरोजी ।*
*राम मन्त्र कौं जौ लै खोजी ।*
*प्रथम श्रवन सुनि गुरु कै पासा ।*
*पुनि सो रसना करै अभ्यासा ॥२३॥*
(अब राममन्त्र को धारण करने की विधि बतला रहे हैं-) जो साधक तत्त्वज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं उनके लिये सरलतम विधि और उसे जल्दी से जल्दी प्राप्त करने का रास्ता यही है कि वह राम मन्त्र का सहारा पकड ले । उसके लिये आवश्यक है कि पहले किसी सद्गुरु की शरण में जाय, और उनके श्रीमुख से उसका श्रवण करे । फिर, उस श्रवण किये हुए मन्त्र को जिह्वा द्वारा बोलकर उसका अभ्यास करे । (अर्थात् उसका जप करे) ॥२३॥
.
*ता पीछै हिरदै मैं धारै ।*
*जिह्वा रहित मंत्र उच्चारै ।*
*निश दिन मन तासौं रह लागौ ।*
*कबहुं नैक न टूटै धागौ ॥२४॥*
फिर धीरे-धीरे इस अभ्यास से ऊपर उठकर जिह्वा का सहारा लेना छोड कर हृदय में उस मन्त्र का जप करने का अभ्यास करे । (अर्थात् मानसिक जाप करे ।) दिन-रात चौबीसों घण्टे उसी मन्त्र के ध्यान में लगा रहे, कभी(कुछ क्षण के लिये) भी हृदय में उस मन्त्र का विस्मरण न हो, लय न टूटे ऐसा अभ्यास करे ॥२४॥
(क्रमशः)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें