सोमवार, 21 अक्टूबर 2013

= २५ =



#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
*काल न सूझै कंध पर, मन चितवै बहु आश ।* 
*दादू जीव जाणै नहीं, कठिन काल की पाश ॥* 
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Sumeet Chopra ~ 
आने वाले सात दिनों में तो तुम्हारी मौत होने वाली है 
तुम्हारी मृत्यु सात दिन में ही होगी। सोमवार नहीं तो मंगलवार की होगी, मंगलवार नहीं तो बुधवार को, गुरूवार नहीं तो शुक्रवार की होगी और शनिवार नहीं तो रविवार को तो अवश्य ही होगी। इन सात में से किसी एक दिन तो जरूर ही जाना है क्योंकि आठवाँ दिन आता ही नहीं। इसलिए मौत आकर तुम्हारा शरीर निष्क्रिय कर दे उसके पहले इस शरीर को प्रदान करने वाले उस पावन परमात्मा की याद में अपने आप को लगा देना भैया.....! 
दो बातन को भूल मत, जो चाहत कल्याण। 
नारायण एक मोत को, दूजो श्री भगवान॥ 
मृत्यु और ईश्वर को जो नहीं भूलता है उसकी चेतना शीघ्र जाग्रत होती है। अतः ईश्वर और मृत्यु को मत भूलो। मृत्यु को याद करने से वैराग्य आयेगा और ईश्वर को याद करने से अभ्यास होगा।

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