बुधवार, 30 अप्रैल 2014

= ११६ =


#daduji
卐 सत्यराम सा 卐 
कोरा कलश अवाह का, ऊपरि चित्र अनेक । 
क्या कीजे दादू वस्तु बिन, ऐसे नाना भेष ॥ 
बाहर दादू भेष बिन, भीतर वस्तु अगाध । 
सो ले हिरदै राखिये, दादू सन्मुख साध ॥ 
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*मंथन* ~ Ashok Kumar Jaiswal

अँग्रेजी भाषा में एक शब्द है "PERSONALITY" 
जिसका हिंदी में अर्थ "व्यक्तित्व" बताया जाता है .... !! 
वास्तव में यह अर्थ सिरे से ही गलत है....हकीकतन "PERSONALITY" के लिए हिंदी में कोई सठीक अर्थ या व्याख्या है ही नहीं .... !! 

प्राचीनकाल में "ग्रीस" के नाट्यघरों में कलाकार जिस भूमिका को निभाते थे उस पात्र को हूबहू अभिव्यक्त करता हो ऐसा एक मुखौटा अभिनय के वक्त ओढ़ लेते थे, वह मुखौटा PERSONA कहलाता था....इसी "PERSONA" से "PERSONALITY" बना जिसका वास्तविक अर्थ बनता है "ओढ़ा हुआ व्यक्तित्व" .... !! 

वस्तुतः सँसार में जितने भी मुखौटे हैं, सब के सब ओढ़े हुए व्यक्तित्व ही हैं....इनसे अपना खुद का मौलिक व्यक्तित्व ढँक जाता है और इसके अन्दर का माल तो कुछ और दीखे, बाहर का कुछ और नज़र आता है .... !! 

हमें नकाबों से बहुत ज्यादा लगाव हो गया है, तस्वीर चाहे किसी की हो या फिर अपनी ही क्यों न हो दरअसल लगभग हम सब एक न एक नकाब ओढ़े हुए हैं....असली तस्वीर तो सभी को बहुत जगह दिखाई पड़ भी जाएगी पर वह चेहरा असली है इसकी गारंटी तो फिर भी नहीं है, क्या जाने अन्दर कौन महाशय बैठे हों .... !! 

आज हर कोई अपना वास्तविक रूप छुपा कर रखना चाहता है और सच्चाई से सब बचते फिरते हैं, ऐसा क्यों .... ?? 

शायद इसलिए कि सभी अपना मनपसंद नकाब ओढ़े हुए हैं .... !!

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