*卐~卐 *श्री दादूवाणी दर्शन* 卐~卐* 卐*Shri Daduvani Darshan*卐
परमगुरु ब्रह्मर्षि श्री दादूदयाल जी महाराज की अनुभव वाणी
गुरुवार, 2 अक्टूबर 2014
बाहर दादू भेष बिन
#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
बाहर दादू भेष बिन, भीतर वस्तु अगाध ।
सो ले हिरदै राखिये, दादू सन्मुख साध ॥
दादू सब देखैं अस्थूल को, यहु ऐसा आकार ।
सूक्ष्म सहज न सूझई, निराकार निरधार ॥
दादू बाहर का सब देखिये, भीतर लख्या न जाइ ।
बाहर दिखावा लोक का, भीतर राम दिखाइ ॥
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