शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2014

दादू जियरा राम बिन

#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
दादू जियरा राम बिन, दुखिया इहि संसार ।
उपजै विनसै खप मरै, सुख दुख बारम्बार ॥ 
राम नाम रुचि उपजै, लेवे हित चित लाइ ।
दादू सोई जीयरा, काहे जमपुरि जाइ ॥ 
दादू नीकी बरियां आय कर, राम जप लीन्हां ।
आत्म साधन सोधि कर, कारज भल कीन्हां ॥

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