बुधवार, 15 अक्टूबर 2014

दादू दया दयालु की

#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
दादू दया दयालु की, सो क्यों छानी होइ ।
प्रेम पुलक मुलकत रहै, सदा सुहागनी सोइ ॥
दादू बिगसि बिगसि दर्शन करै, पुलकि पुलकि रस पान ।
मगन गलित माता रहै, अरस परस मिलि प्राण ॥
दादू देखि देखि सुमिरण करै, देखि देखि लै लीन ।
देखि देखि तन मन विलै, देखि देखि चित्त दीन ॥
दादू निरखि निरखि निज नाम ले, निरखि निरखि रस पीव ।
निरखि निरखि पिव कौं मिलै, निरखि निरखि सुख जीव ॥

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