#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
भरी अधौड़ी भावठी, बैठा पेट फुलाइ ।
दादू शूकर स्वान ज्यों, ज्यों आवै त्यों खाइ ॥
दादू खाटा मीठा खाइ करि, स्वादैं चित दीया ।
इन में जीव विलंबिया, हरि नाम न लीया ॥
भक्ति न जाणै राम की, इन्द्री के आधीन ।
दादू बँध्या स्वाद सौं, ताथैं नाम न लीन ॥
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Mhaparbhu ki vani ~ Osho Prem Sandesh
अपने पेट के लिए इतना अन्धविश्वाश फेला दिया कि कोई
अपने भगवान से दूर हो गया

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