साहिब जी का भावता
#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
साहिब जी का भावता, कोई करै कलि मांहि ।
मनसा वाचा कर्मना, दादू घटि घटि नांहि ॥
आज्ञा मांहैं बैसै ऊठै, आज्ञा आवै जाइ ।
आज्ञा मांहैं लेवै देवै, आज्ञा पहरै खाइ ॥
आज्ञा मांही बाहर भीतर, आज्ञा रहै समाइ ।
आज्ञा मांही तन मन राखै, दादू रहै ल्यौ लाइ ॥
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