卐 सत्यराम सा 卐
भौं जल में बहि जात हुते जिन,
काढ लियो अपनी कर आदू।
और संदेह मिटाय दिए सब,
कानन टेर सुनाय के नादू।
पूरण ब्रह्म प्रकाश कियो जिन,
छूट गए सब वाद-विवादू।
ऐसी कृपा जु करी हम ऊपर,
सुन्दर के उर हैं गुरु दादू।।

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