#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
स्वांगी साधु बहु अन्तरा, जेता धरणी आकाश ।
साधु राता राम सौं, स्वांगी जगत की आश ॥
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@Reading for ever via Giriraj ji Sewa Samiti bahjoi ~
जो लोग सिद्धियों का प्रदर्शन करके नाम-रूप की पूजा कराना चाहते हैं, वे तो सन्त हैं ही नहीं । बल्कि आजकल तो बहुत लोग ऐसे भी मिल सकते हैं, जिनको यथार्थ योगविभूतियाँ भी प्राप्त नहीं हैं, जो केवल धोखादेने की कला मात्र जानते हैं और उसी के सहारे भोले लोगों को ठगते हैं । सन्त का महान चमत्कार तो उसका नित्य सत्य अखण्ड इश्वरमय जीवन है, जिस जीवन के दर्शन, कथन, श्रवण और परिचय – सभी आश्चर्यमय है ।

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