#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
दादू राम हृदय रस भेलि कर, को साधु शब्द सुनाइ ।
जानो कर दीपक दिया, भ्रम तिमिर सब जाइ ॥
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साभार : Ritesh Srivastava ~
जो इंसान मादक् द्रव्योँ का सेवन करता है उसके घर मे अशांति नामक शैतान हमेशा घर के अंदर ही रहता है ॥हरी ॐ॥
एक आदमी मादक द्रव्योँ का सेवन करता था और आए दिन अपनी पत्नी और बच्चों को नशे में आपा खोते ही मारने लगता था। पत्नी बच्चे चुपचाप उसके जुल्म सहते रहते थे इसके सिवा उनके पास कोई चारा नहीं था।
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एक दिन उनके गाँव में एक पहुँचे हुए संत पधारे तो उसकी पत्नी को किसी ने कहा कि वे सभी के कष्टों का निवारण करते हैं, तुम भी उनके पास जाओ हो सकता है कोई उपाय मिल जाए। तब वह वह अपनी समस्या को लेकर साधु के पास गई तो और अपनी सारी व्यथा कह सुनाई उसकी बात सुनकर साधु बोले कि मैं तुम्हारे घर कल आऊँगा तुम अपने घर जाओ।
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दूसरे दिन साधु उसके घर आए तब उसका पति भी घर पर ही था और नशे मे झूम रहा था साधु को देखकर वह क्रोध से घूरने लगा साधु ने प्यार से उसकी और देखा और बोले वत्स मैं एक काम से यहाँ आया हूँ। क्या ? आदमी ने गुस्से से पूछा तब साधु बोले तुम्हारे घर मे एक भयंकर प्राणी छिपा बैठा है वह तुम्हारे घर को बर्बाद कर रहा है।
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आदमी ने इधर उधर देखकर कहा यहाँ तो कोई नहीं है साधु दृढ़तापूर्वक बोले है, वह तुम्हें दिखाई नहीं देगा पर वह हर घड़ी तुम्हारे सिर पर सवार रहता है। आदमी ने सवाल किया कौन है वह ? साधु बोले वह शैतान है पर आज मैं उसे अपने साथ ले जाऊँगा। उसके जाने के बाद तुम देखोगे कि तुम्हारा घर स्वर्ग बन गया है।
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यदि तुम उसे नहीं ले जाने दोगे तो वह एक दिन तुम्हारे पूरे परिवार को तबाह कर देगा। तुम्हारे घर में एक देवी है शैतान के जाते ही तुम्हारे घर में देवता आन बसेंगे और तुम्हारे घर मे सुख चैन का धाम बन जाएगा । साधु के शब्दों में जादू था । आदमी को सामने शैतान नजर आने लगा । वो जोर जोर से चिल्लाने लगा वो रहा वो रहा शैतान ।
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शैतान का भयंकर रूप देखकर उसने आँखें बंद कर ली । साधु ने एक डब्बी निकाली और उसमें उस शैतान को बंद कर के आदमी से बोला कि अब इस शैतान को अंदर मत आने देना आज तो मैं इसे बंद करके ले जा रहा हूँ पर ये फिर आ सकता है अगर फिर तुमने नशे के पास जाओगे।
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तब वह आदमी बोला स्वामी जी आज के बाद मैं कभी भी शराब को हाथ नहीं लगाऊगा उसके बाद साधु वहाँ से रवाना हुए इसके बाद आदमी ने अपनी और बच्चे से अब तक किए दुर्व्यवहार के लिए माफी माँगी उसके बाद उनका जीवन बदल गया उनके घर मे आनंद की वर्षा होने लगी ॥वन्दे मातरम् ॥

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