गुरुवार, 8 जनवरी 2015

#daduji 
दादू नीकी बरियां आय कर, राम जप लीन्हां ।
आत्म साधन सोधि कर, कारज भल कीन्हां ॥
दादू अगम वस्तु पानैं पड़ी, राखि मंझि छिपाइ ।
छिन छिन सोई संभालिए, मत वै बीसर जाइ ॥ 
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हर दिन एक पूरे जीवन के बराबर है और हर पल एक भागवत मुहूर्त है ---------
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प्रिय निजात्मन, आप सब में स्थित परमात्मा को सादर नमन !
आज का दिवस आप सब के लिए शुभ रहे | प्रत्येक दिन प्रभु कृपा से मिला एक वरदान है | कल का क्या भरोसा ! कल आये या ना आये कुछ कह नहीं सकते | जीवन में जो भी शुभ कार्य करने योग्य है वह आज ही इसी पल जितना हो सकता है उतना पूरा कर लें | हर एक दिन को, हर एक पल को एक जीवन के बराबर जीयें | क्या पता जो साँस हम छोड़ रहे हैं वह आखिरी साँस हो, फिर आये या ना आये | यह कोई नकारात्मक बात नहीं अपितु एक वास्तविकता है |

हर क्षण, हर पल एक भागवत मुहूर्त है | इस मुहूर्त में जो भी किया जाएगा वह शुभ ही होगा | अशुभ से बचें और जो भी शुभ है वह इसी क्षण इसी पल पूरा करने का प्रयास करें |
अब तक जो जीवन मिला है उस के लिए भगवान के प्रति कृतज्ञ रहें और किसी का जो भी ऋण है उससे उऋण हो जाएँ | अन्यथा फिर पता नहीं कब अवसर मिले |

जीवन में किया हर संकल्प पूर्ण होता है | कोई कुछ भी ठान ले तो उसे कोई भी रोक नहीं सकता | जीवन एक कृतज्ञता है, प्रभु के प्रति कृतज्ञता | कृतघ्नता सबसे बड़ा पाप है |
मुझे क्या मिलेगा यह कभी ना सोचें, पर मेरे हर क्षण से समष्टि को क्या मिलेगा बस यही महत्वपूर्ण है |

परमात्मा को आप हर पल याद रखें व हर पल आप उसके उपकरण बने रहें इसी शुभ कामना के साथ आप के ह्रदय में हर पल धड़क रहे भगवन नारायण को पुनश्चः सप्रेम सादर नमन | सब का कल्याण हो | ॐ नमो भगवते वासुदेवाय |

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