मंगलवार, 26 जुलाई 2016

=९१=

#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
शूरा चढ़ संग्राम को, पाछा पग क्यों देहि ?
साहिब लाजै भाजतां, धृग् जीवन दादू तेहि ॥
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साभार ~ Madhusudan Murari
कोशिश कर, हल निकलेगा
आज नही तो, कल निकलेगा।


अर्जुन के तीर सा निशाना साध,
जमीन से भी जल निकलेगा।


मेहनत कर, पौधो को पानी दे,
बंजर जमीन से भी फल निकलेगा।


ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे,
फौलाद का भी बल निकलेगा।


जिन्दा रख, दिल में उम्मीदों को,
समन्दर से भी गंगाजल निकलेगा।


कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की,
जो है आज थमा-थमा सा, वो चल निकलेगा।

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