#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
विरह अग्नि तन जालिये, ज्ञान अग्नि दौं लाइ ।
दादू नखशिख परजलै, तब राम बुझावै आइ ॥
विरह अग्नि में जालिबा, दरशन के तांईं ।
दादू आतुर रोइबा, दूजा कुछ नांहिं ॥
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साभार ~ Awes NIRAJ(via G+)
"ना किसी मंत्र की आवश्यकता है,
卐 सत्यराम सा 卐
विरह अग्नि तन जालिये, ज्ञान अग्नि दौं लाइ ।
दादू नखशिख परजलै, तब राम बुझावै आइ ॥
विरह अग्नि में जालिबा, दरशन के तांईं ।
दादू आतुर रोइबा, दूजा कुछ नांहिं ॥
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साभार ~ Awes NIRAJ(via G+)
"ना किसी मंत्र की आवश्यकता है,
ना जप की, न मूर्तिपूजन ना ही यज्ञ की।"
एक जल में डूबता व्यक्ति अपने प्राण
बचने हेतु जितना तत्पर रहता है वही
तत्परता ही पर्याप्त है उसकी प्राप्ति के लिए…!!
एक जल में डूबता व्यक्ति अपने प्राण
बचने हेतु जितना तत्पर रहता है वही
तत्परता ही पर्याप्त है उसकी प्राप्ति के लिए…!!

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