सोमवार, 17 जून 2019

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🌷🙏🇮🇳 #daduji 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏🇮🇳 卐 सत्यराम सा 卐 🇮🇳🙏🌷
*दादू शब्दैं ही मुक्ता भया, शब्दैं समझे प्राण ।*
*शब्दैं ही सूझे सबै, शब्दैं सुरझे जाण ॥*
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साभार ~ Rupa Khant

उत्सवों में कोई किसी को काटता है ...कोई किसी को काटता है ...उसी परंपरा में आयी है cake काटना ....ये भारतीय परंपरा नहीं है ...गंगोत्री की इस ऊँचाई से मैं विनय कर रहा हूँ ...ये देशवासी ऐसा ना करें.... किसी के जन्मदिन पर cake काटना भी बंद करें ...घी के 2 दीप जलाओ ...क्या बिगड जाता है तुम्हारा ?...घी का ना हो तो तेल का ...चलो मोमबत्ती ....लेकिन बच्चे ..बेटी ...बापा का ..दादा का दीपो जलाओ ना यार .....
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क्यूँ कि cake भले vegetarian हो लेकिन काटते हो ....वहाँ भी तुम छुरी ले रहे हो ....य़ा तो बकरी की गर्दन पर रखो ..य़ा cake की गर्दन पर रखो .....इससे बाज़ आये मेरा समाज ....मैं दबाव नहीं करूँगा ...तुम party मनाओ ...तुम जन्मोत्सव मनाओ ....मेरी व्यास्पीठ को समर्पित हो कम से कम मेरी बात सुनें ....मैं आग्रह नहीं ...सविनय बिनती करूँगा ...ये क्या काटना?...तुम क्या काट रहे हो पता है ?....cake होती है उसपर जिसका जन्मदिन होता है उसी का नाम रहता है ...तुम उसी को काटते हो ...और काटने के बाद उसी का टुकडा खिलाते हो ....काटना खाना ये कोई जन्मदिन मनाना ?.....
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जन्मदिन तो बाँटना और जीना है ....इससे हम बाहर आयें ....फिर भी किसी को ये पसंद है तो मैं उसकी निजता में बाधा नहीं बनूँगा ...लेकिन व्यास्पीठ के प्रति आपका इतना आदर है तो मौका आया है तो मैं अपना विचार प्रस्तुत कर रहा हूँ ....
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मैं समझता हूँ आपके english medium वाले बच्चे ...modern ज़माने के बच्चे ...वो आपका मानेंगे तो उसके दोस्त ...friends लोग बोलेंगे ...अरे यार ..cake भी नहीं काटते ?...party भी नहीं देता ...
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बोलो पूरी party देंगे vegetarian ...तुम्हें juice पिलायेंगे ...भारतीय नृत्य का गाना लगायेंगे ..हमारे बापू की चौपाईयाँ गायेंगे ...नाचेंगे ...आनंद करेंगे ....लेकिन जलायेंगे दीप ....ये हो सकता है ....थोड़ा ही परिवर्तन करना पड़ेगा ....क्यूँ पागल होते जा रहे हो ? ...मैं आपको कम पिलाता हूँ कि आपको दूसरी पीनी पड़े ? ...मैंने क्या कसर छोडी है आपको पिलाने में ? ...बाज़ आओ ...विचार है ... आदेश नहीं .....फिर भी आपकी रुचि है तो करो ....मैं नाराज़ भी नहीं हूँ .....
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मैं ये भी मना नहीं करता कि cake मत काटो ...अपने मित्रों के साथ party करो तो काटो ....लेकिन अपने घर में ...परिवार के साथ जब मनाओ तब तक तो मेरी बात यदि दिल तक पहुँचे ...उसी समय cake काटना बंद करके 2 घी के दीप जलाकर ....अथवा तो माँ बाप 1 छोटा सा यज्ञ कुंड बनाकर के बेटे और बेटी के जन्मदिन का ...इस चौपाई का 11 बार आहुति करे ....
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अजर अमर गुण निधि सूत होहु 
करहु बहुत रघु नायक छोहू
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11 बार आहुति दे दो ...बेटे की प्रसन्नता बढेगी ...5 मिनिट का केवल नुस्खा बता रहा हूँ ...5 मिनिट से ज़्यादा आपकी मिनिट मुझे लेनी ही नहीं और यज्ञ ना प्रगटाओ तो मानसिक रुप से उसका जन्मदिन ...बोलो ...बेटा 2 मिनिट .....
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अजर अमर गुण निधि सूत होहु 
करहु बहुत रघु नायक छोहू
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जानकी बनकर के बेटे का जन्मदिन मनाओ .....
फिर तुम बाहर party करो ....मैं बहुत practical ....आपको लगे कि हम थोड़े modern हैं तो ठीक है ....कोई बात नहीं .....
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मनाओ ..खूब मनाओ ...लेकिन अपने घर को भारतीय घर रहने दो ...बाहर दुनिया की ...society ठीक है ...
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जो करना हो करो ...जाओ ना यार ...घर में भी cake काटो ...जाओ ....मैं क्या करूँ ?...कोई आपत्ति नहीं ....लेकिन हरि भजो ....
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तुम्हें कथा प्रिय है ...वोही मेरे लिये बहुत है साहब ....आज कोई युवान एक मिनिट किसी के पास बैठने को तैयार नहीं ...वो कथा में 4..4 घंटे बैठकर जो झूमते हैं ...नाचते हैं ...ये आपकी उदारता ...ये आपका योगदान है .....
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बापू के शब्द ~ मानस गंगोत्री 
जय सियाराम

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