卐 सत्यराम सा 卐
*सहजैं ही सब होइगा, गुण इन्द्रिय का नास ।*
*दादू राम संभालतां, कटैं कर्म के पास ॥*
*दुख दरिया संसार है, सुख का सागर राम ।*
*सुख सागर चलि जाइए, दादू तज बेकाम ॥*
*दादू दरिया यहु संसार है, तामें राम नाम निज नाव ।*
*दादू ढील न कीजिये, यहु औसर यहु डाव ॥*
*(श्री दादूवाणी ~ स्मरण का अंग)*
========================
साभार ~ Tapasvi Ram Gopal
.
*नाम स्मरण से सब दु:खों का नाश -*
#############""##"###
नाम स्मरण से सहज ही, सबही खेद नशाय ।
इक दुखिया के प्रश्न पर, दादू यही उपाय ॥८६॥
संतवर दादूजी से एक दुखिया मनुष्य ने अपने दु:ख निवृति का उपाय पूछा । दादूजी बोले -
"दादू दुखिया तब लगे, जब लग नाम न लेहि ।
तब ही पावन परमसुख, मेरी जीवन येहि ॥"
अर्थात तू तब तक ही दुखी है जब एक भगवान की शरण होकर भगवत् नाम स्मरण नही करता । जब नाम स्मरण करने लगेगा तब तू परम पवित्र सुख को प्राप्त हो जायेगा । देख, मेरा जीवन तो नाम स्मरण के ही आधार है ।
इससे सूचित होता है कि नाम स्मरण से सब दु:ख नष्ट हो जाता है ।
### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ###
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
######## सत्य राम सा

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें