शुक्रवार, 30 अगस्त 2019

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卐 सत्यराम सा 卐
*सहजैं ही सब होइगा, गुण इन्द्रिय का नास ।*
*दादू राम संभालतां, कटैं कर्म के पास ॥* 
*दुख दरिया संसार है, सुख का सागर राम ।*
*सुख सागर चलि जाइए, दादू तज बेकाम ॥* 
*दादू दरिया यहु संसार है, तामें राम नाम निज नाव ।*
*दादू ढील न कीजिये, यहु औसर यहु डाव ॥* 
*(श्री दादूवाणी ~ स्मरण का अंग)* 
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साभार ~ Tapasvi Ram Gopal
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*नाम स्मरण से सब दु:खों का नाश -*
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नाम स्मरण से सहज ही, सबही खेद नशाय ।
इक दुखिया के प्रश्न पर, दादू यही उपाय ॥८६॥ 
संतवर दादूजी से एक दुखिया मनुष्य ने अपने दु:ख निवृति का उपाय पूछा । दादूजी बोले -
"दादू दुखिया तब लगे, जब लग नाम न लेहि ।
तब ही पावन परमसुख, मेरी जीवन येहि ॥"
अर्थात तू तब तक ही दुखी है जब एक भगवान की शरण होकर भगवत् नाम स्मरण नही करता । जब नाम स्मरण करने लगेगा तब तू परम पवित्र सुख को प्राप्त हो जायेगा । देख, मेरा जीवन तो नाम स्मरण के ही आधार है । 
इससे सूचित होता है कि नाम स्मरण से सब दु:ख नष्ट हो जाता है ।
### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ###
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
######## सत्य राम सा

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