रविवार, 1 सितंबर 2019

= ३२ =

🌷🙏🇮🇳 #daduji 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏🇮🇳 卐 सत्यराम सा 卐 🇮🇳🙏🌷
*सांई किया सो ह्वै रह्या, जे कुछ करै सो होइ ।*
*कर्ता करै सो होत है, काहे कलपै कोइ ॥*
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साभार ~ Rakhee Khanna

🌷तुम जल्दी मत करो। तुम्हारा मन बड़ा बेचैन है और जल्दी चाहता है; सब चीजें जल्दी हो जाएं। लेकिन कुछ चीजें हैं, जो समय मांगती हैं। और जितनी बड़ी चीजें हैं, उतना ही ज्यादा समय मांगती हैं।
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अगर तुम्हें मौसमी फूल लगाने हैं, तो आज बो दो; तीन चार सप्ताह में फूल आने शुरू हो जाएंगे। लेकिन अगर तुम्हें ऐसे वृक्ष लगाने हैं, जो हजारों साल तक रहें, और जिनके नीचे लाखों लोगों को विश्राम और छाया मिले, तो तीन सप्ताह में आने वाले नहीं हैं; तो वक्त लगेगा। तो हो सकता है, तुम्हें पूरा जीवन लगा देना पड़े, तब ऐसे वृक्ष तुम पैदा कर पाओ।
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तुम जिस वृक्ष की खोज में हो — आत्मा का, परमात्मा का, मोक्ष का, वह कोई तुम जल्दी में न लगा पाओगे। इधर तुम ने चाहा, उधर लग गया, ऐसा न होगा। वह कोई कल्पना का वृक्ष नहीं है। वह कोई कल्पवृक्ष नहीं है, कि तुमने चाहा और हो गया। तुम्हें बड़ी साधना से गुजरना पड़ेगा, निखरना पड़ेगा, शुद्ध होना पड़ेगा। जिस दिन तुम परम रूप में हो जाओगे, उसी क्षण वह घड़ी घटेगी। उसी क्षण मिलन होगा। उसी क्षण परमात्मा का बीज तुम्हारे भीतर पड़ता है। तुम मर जाते हो और परमात्मा हो जाता है.....।🌷
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कहे कबीर दीवाना-12 ~ ओशो.....♡

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