बुधवार, 26 फ़रवरी 2020

= १४८ =

🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🇮🇳🙏🌷
*दादू पलक मांहि प्रकटै सही, जे जन करैं पुकार ।*
*दीन दुखी तब देखकर, अति आतुर तिहिं बार ॥*
*(श्री दादूवाणी ~ बिनती का अंग)*
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साभार ~ महन्त Ram Gopal तपस्वी
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*श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु,* *ईश्वर*
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एक ईश्वर भक्त ब्राह्मण की पुत्री बड़ी सुन्दर थी उसे हरने के लिये चार मुसलमान ब्राह्मण के घर में घुसे, उसी समय कुछ डाकू भी आ पहुँचे । यवनों के अत्याचार की बात सुनकर डाकुओं को क्रोध आ गया । उन्होंने चारो यवनों को अपनी असि(तलवार) से मार गिराया और ब्राह्मण को अभय देकर चले गये । इससे सूचित होता है कि ईश्वर अपने भक्त की विचित्र ढंग से रक्षा करते हैं ।
करत विचित्र सुढंग से, जन रक्षा करतार ।
द्विज रक्षा कन्या सहित, पवन हेत असि धार ॥१३१॥
#### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ####
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
^^^^^^^//सत्य राम सा//^^^^^^^

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