🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🇮🇳🙏🌷
*कोई नहिं करतार बिन, प्राण उधारणहार ।*
*कोई नहिं करतार बिन, प्राण उधारणहार ।*
*(श्री दादूवाणी ~ बिनती का अंग)*
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साभार ~ महन्त Ram Gopal तपस्वी
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*श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु,* *ईश्वर*
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एक टिट्टम(टिटोड़ी) पक्षी एक नदी के तट पर बैठा था । एक व्याध ने उसे परशर साधा। वह उड़ा, किन्तु ऊपर से उस पर बाज पक्षी झपटा । वह दोनों के बीच आ गया । किसी भी प्रकार छुटकारा पाने की सम्भावना नहीं जान कर, उसने भगवान् को पुकारा । पुकारते ही भगवान ने कृपा की । पास के बिल से एक सर्प निकला और व्याध के पैर को काटा । इससे व्याध का हाथ धूम गया । निशाना चूक करके बाण बाज के जा लगा । व्याध और बाज दोनों मारे गये टींटोड़ी की रक्षा हो गई । इससे ज्ञात होता है कि ईश्वर सच्चे मन की प्रार्थना शीध्र ही सुन लेते हैं ।
सच्चे मनकी प्रार्थना, सुन हरि शीध्र बचाय ।
टिट्टम की रक्षा करी, व्याध सचान नशाय ॥११८॥
#### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ####
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
^^^^^^^//सत्य राम सा//^^^^^^^

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