🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🇮🇳🙏🌷
*दादू सिरजनहारा सबन का, ऐसा है समरत्थ ।*
*सोई सेवक ह्वै रह्या, जहँ सकल पसारैं हत्थ ॥*
*(श्री दादूवाणी ~ समर्थता का अंग)*
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साभार ~ महन्त Ram Gopal तपस्वी
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*श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु,* *सेवा*
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रावण की सभा में रामचन्द्रजी के अटल विश्वास के बल पर ही अंगदजी ने अपने चरण रोप कर कहा था कि - मेरे पैर को हटा दो तो हमने सीता को हारा, रामजी सीता को छोड़ कर चले जांयेगे । इससे सूचित होता है कि श्रेष्ठ सेवक का स्वामी पर अटल विश्वास होता है, स्वामी की शक्त्ति में संशय नही होता ।
सेवा के निज स्वामि पर, होत अटल विश्वास ।
अंगद रावण सभा मे, रोपा पद अत्रास ॥३२७॥
#### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ####
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
^^^^^^^//सत्य राम सा//^^^^^^^

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