शुक्रवार, 29 मई 2020

(२९)

🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🇮🇳🙏🌷
*ऐसो राजा सोई आहि,*
*चौदह भुवन में रह्यो समाहि ।*
*दादू ताकी सेवा करै,*
*जिन यहु रचिले अधर धरै ॥*
*(श्री दादूवाणी ~ पद्यांश. ३९१)*
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*राघवयादवीयम्* ~ लेखक *श्री वेंकटाध्वरी*
साभार सौजन्य ~ मुदित मिश्र विपश्यी(हिंदी/अंग्रेजी अनुवाद)
अंग्रेजी अनुवाद ~ डा. सरोजा रामानुजम, M.A., Ph.d, Siromani in Sanskrit
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(२९)
*श्री रामलीला*(अनुलोम)
नालिकेरसुभाकारागारासौसुरसापिका । 
रावणारिक्षमेरापूराभेजे हि ननामुना ॥२९॥
नारियल वृक्षों से आच्छादित, रंग-बिरंगे भवनों से निर्मित अयोध्या नगर, रावण को पराजित करने वाले राम का, अब समुचित निवास स्थल बन गया ॥२९॥
The city of Ayodhya became the fitting abode of Rama, the vanquisher of Ravana, with colorful mansions surrounded with coconut trees.(29) 
(२९) 
*श्री कृष्णलीला*(विलोम)
नामुनानहिजेभेरापूरामेक्षरिणावरा । 
कापिसारसुसौरागाराकाभासुरकेलिना ॥२९॥ 
अनेकों विजयी गजराजों वाली भूमि द्वारका नगर में धर्म के वाहक सत्ताप्रिय कृष्ण, दिव्य वृक्ष पारिजात से दीप्तिमान, का प्रवेश क्रीड़ारत गोपियों संग हुआ ॥२९॥ 
The city of Dvaraka, abounding in triumphant elephants glowed with the celestial tree and Krishna, the abode of dharma, and the play mate of gopis.(29) 
(क्रमशः)

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