गुरुवार, 20 अगस्त 2020

= ७१ =

🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
🌷 *#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु* 🌷
https://www.facebook.com/DADUVANI
**मूसा जलता देख कर, दादू हंस दयाल ।**
*मान सरोवर ले चल्या, पंखा काटे काल ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ निन्दा का अंग)*
=================
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
*#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु*, *कृतघ्न*
########################
एक हंस आकाश से जा रहा था, नीचे अग्नि के घेरे में एक मूसा(चूहा) को देखकर दयावश उसे उठा कर अपने उपर बैठा के मानसरोवर ले जाने लगा । उस चूहे ने ऊपर बैठे - बैठे हंस के पर काट डाले जिससे हंस भी गिर पड़ा ।
रक्षक को भी मारता, यह कृतध्न की रीति ।
उङा हंस ले मूसा को, काट पंख दी भीति ॥८६॥

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें