🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
🌷 *#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु* 🌷
*दादू राम न छाड़िये, गहिला तज संसार ।*
*साधु संगति शोध ले, कुसंगति संग निवार ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ बिनती का अंग)*
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साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
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*#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु*, *विषयी*
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एक राजा के बाग में एक साधु रहते थे । रानी अपने गले का मोतियों का हार भूल गई । उसे बतख पक्षी चुग गया । साधु को चोर समझकर काला मुख करके गधे पर चढा कर गांव में फिराते हुये देश से निकालने के लिये ले जा रहे थे । बाजार में पहुचते ही साधु ने ऊंचे हाथ उठा कर आवाज दी कि - "जो विषयी पुरुषों का संग करेगा उसकी यही गति होगी ।"
विषयों जन के संग से, होत विरत भी ख्वार ।
देश निकाला साधु को, बतकें चुग गई हार ॥१४६॥

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