रविवार, 4 अक्टूबर 2020

= १३९ =

🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
*आपा पर सब दूर कर, राम नाम रस लाग ।*
*दादू अवसर जात है, जाग सकै तो जाग ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ चितावणी का अंग)*
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साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
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एक राजा के ३६० रानी थी वह क्रम से वर्ष भर में एक दिन एक के पास जाता था । छोटी रानी के वारी का दिन था । राजा गया किन्तु रानी को सोते देखकर पीछा लौट आया, जब रानी को ज्ञात हुआ तो वह बड़ी दु:खी हुई । इस प्रकार मनुष्य देह ही ईश्वर के मिलने का अवसर है, यदि इसमें ईश्वर भजन रूप जागरण नहीं किया तो फिर चौरासी में जाकर दु:खी ही होना पड़ेगा ।
मोह नींद में मनुज तन, खोये दुख हो अन्त ।
रानी अति क्लेशित हुई, लौट गया जब कन्त ॥९०॥

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