🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
🌷 *#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु* 🌷
https://www.facebook.com/DADUVANI
*दादू नूरी दिल अरवाह का, तहँ देख्या करतारं ।*
*तहँ सेवक सेवा करै, अनन्त कला रवि सारं ॥२२३॥*
==================
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
.
श्री दृष्टान्त सुधा - सिन्धु --- *॥ ५ अर्चना भक्ति ॥*
##################
*॥ कभी २ मानस पूजा भी प्रत्यक्ष ॥*
मानस पूजा भी कभी, हो जाती प्रत्यक्ष ।
किशनसिंह दधि भोग को, नृपने लखा प्रत्यक्ष ॥१४९ ॥
दृष्टांत कथा – बीकानेर राज्य के गारबदेसर ताजीमी ठिकाने के ठाकुर किशनसिंहजी किसी यात्रा में माहाराजा के साथ जा रहे थे । पूजा का समय हो जाने से वे कपड़ा ओढ़ के घोड़े पर चलते चलते ही मानस पूजा करने लगे । पूजा समाप्त हो चुकी थी और भगवान् के दही का भोग लगा रहे थे । इसी समय महाराजा ने उन्हें पुकारा जब नहीं बोले तब अपना घोड़ा उनके घोड़े के पास ले जाकर उनका वस्त्र पकड़ के खेंचा ।
.
इससे उनका हाथ हिल गया और हाथ के दही के प्याले से दही ढुल गया । दही को गिरता देख कर के राजा ने पूछा किशनसिंहजी बोले – 'मैं मानस पूजा करके दही का भोग लगा रहा था । आपके हिलाने से दही गिरा है और हरि इच्छा से आपको प्रत्यक्ष दीख गया है । इससे सूचित होता है कि कभी २ मानस पूजा भी प्रत्यक्ष दीख पड़ती है ।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें