मंगलवार, 13 जनवरी 2026

बैड का चातुर्मास ~

*#daduji*
*॥ श्री दादूदयालवे नम: ॥*
*॥ दादूराम~सत्यराम ॥*
*"श्री दादू पंथ परिचय" = रचना = संतकवि कविरत्न स्वामी नारायणदास जी महाराज, पुष्कर, राजस्थान =*
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बैड का चातुर्मास ~ 
रामगढ से विदा होकर शेखावटी के संत और भक्त आग्रह पूर्वक जहां- जहां ले जाते थे वहां- वहां जाकर भक्तों को ज्ञानामृत से तृप्त करते थे । इस प्रकार शेखावटी की रामत करते हुये भगवानदासजी बैड वालों के चातुर्मास करने चातुर्मास बैठने के समय पर बैड पधार गये । 
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भगवानदासजी ने शिष्य मंडल के सहित आचार्य उदयरामजी महाराज की अगवानी बाजे गाजे और भक्त मंडल के साथ संकीर्तन करते हुये जाकर की । दंडवत सत्यराम कर भेंट चढाकर आचार्य जी को सत्कार पूर्वक संकीर्तन करते हुये स्थान पर लाकर ठहराया । चातुर्मास आरंभ हो गया । दादूवाणी का प्रवचन आदि सत्संग चातुर्मास की मर्यादानुसार चलने लगा । इस चातुर्मास में निवाई, चान्दसीन आदि जमातों के संत महात्मा भी बहुत आये थे । 
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संत समागम इस चातुर्मास में बहुत अच्छा रहा था । सत्संग का कार्यक्रम भी सुन्दर रहा । अधिक समुदाय होने से आरती की शोभा भी निराली ही रहती थी । गायक संत अधिक होने से जागरण भी बहुत अच्छे होते थे । रसोइयां भी अच्छी होती रही थीं । चातुर्मास समाप्ति पर आचार्य जी को मर्यादानुसार भेंटें, संतों को यथोचित वस्त्र देकर सस्नेह विदा किया था ।  
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भैराणे चरण स्थापन ~ 
आचार्य उदयरामजी महाराज ने अपने गुरुदेव नारायणदासजी महाराज का भैराणे में चरण स्थापन उत्सव किया । इस उत्सव में अनेक महान, संत पधारे अच्छा संत समागम हुआ । विधि के सहित चरण चिन्हों को स्थापन की । यह उत्सव बहुत ही सुन्दर हुआ । 
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उत्सव के कार्य तथा रसोई, जागरण आदि सभी ही श्‍लाघनीय हुये । पर्वत में जहां तहां सत्यराम, दादूराम की ध्वनि होती रही । उस समय संत समुदाय द्वारा वह स्थल बहुत सुन्दर भास रहा था । चैनरामजी महाराज की बारहदरी पर महल उदयरामजी महाराज ने बनाया था, जिसमें आचार्य अब रहते हैं । 
(क्रमशः)

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