शनिवार, 3 जनवरी 2026

भैराणा में चरणस्थापना ~

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*॥ श्री दादूदयालवे नम: ॥*
*॥ दादूराम~सत्यराम ॥*
*"श्री दादू पंथ परिचय" = रचना = संतकवि कविरत्न स्वामी नारायणदास जी महाराज, पुष्कर, राजस्थान =*
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१२ आचार्य नारायणदास जी ~
भैराणा में चरणस्थापना ~ 
वि. सं. १९०९ में आचार्य नारायणदासजी महाराज ने आचार्य दिलेरामजी महाराज चरणस्थापन रुप उत्सव कराया । इस उत्सव में अनेक महंत संत पधारे तथा संतों की भी संख्या अच्छी रही । अच्छा सत्संग कीर्तन हुआ । अच्छी रसोई हुई । उत्सव बहुत आनन्द के साथ संपन्न हुआ ।
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रामरत्न जी के चातुर्मास ~ 
वि. सं. १९०९ का चातुर्मास आचार्य नारायणदासजी महाराज का रामरत्नजी रतीरामजी जयपुर वालों ने मनाया था । उनके चातुर्मास करने आचार्य नारायणदासजी महाराज शिष्य मंडल के सहित आषाढ शुक्ला १३ को जयपुर पधारे थे । 
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राजाओं के राज्य के समय में नारायणा दादूधाम के आचार्य जब भी जयपुर पधारते थे तब राजा को सूचना देते थे और राजा की ओर से अगवानी को लवाजमा लेकर मंत्री व कोई सरदार आकर जयपुर नगर में प्रवेश कराते थे । अपनी उस प्रथा के अनुसार जयपुर नरेश को सूचना मिलने पर जयपुर राज्य की ओर से अगवानी के लिये नाजिम व पांच सरदार- हाथी, निशान, अर्वीबाजा आदि लेकर आये । 
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रामचन्द्र दारोगा, बेटा बलदेव, मथुरादास और रावल शिंवसिंहजी सामोद वालों ने जयपुर नरेश की ओर से अगवानी की भेंट दी । फिर आवश्यक प्रश्‍नोत्तर हो जाने पर आचार्य नारायणादासजी महाराज को हाथी पर बैठा कर आचार्य तथा संत मंडल का दर्शन जनता को कराते हुये मुख्य- मुख्य बाजारों से शोभा यात्रा को ले जाते हुये रामरत्न जी रतीराम जी के स्थान पर पहुँचा दिया । 
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यहाँ आचार्यजी ने सबको प्रसाद दिया और शोभा यात्रा समाप्त हो गई । रामरत्न जी के यहां सविधि चातुर्मास आरंभ हो गया । दादूवाणी का गंभीर प्रवचन सुनने के लिये नगर के माने हुये सज्जन लोग भी आते थे । रसोइयां भी देते थे । सामोद के रावल शिंवसिंहजी ने रसोइ दी, भेंट तथा दुशाला भी चढाया । 
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चोमूं ठाकुर लक्ष्मणसिंहजी तथा बोराज के ठाकुर शिवसिंहजी आचार्य नारायणदासजी के दर्शन करने आये और भेंट चढाकर दोनों ठाकुरों ने प्रणाम किया तथा आचार्यजी के सामने बैठकर सत्संग किया । इस चातुर्मास के समय जयपुर नगर के धनीमानी लोगों ने स्थान- स्थान पर आचार्य नारायणदासजी की पधरावनी कराई थी ।  
(क्रमशः) 

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