बुधवार, 18 फ़रवरी 2026

नाभा गमन ~

*#daduji*
*॥ श्री दादूदयालवे नम: ॥*
*॥ दादूराम~सत्यराम ॥*
*"श्री दादू पंथ परिचय" = रचना = संतकवि कविरत्न स्वामी नारायणदास जी महाराज, पुष्कर, राजस्थान =*
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१६ आचार्य दयारामजी ~ 
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नाभा गमन ~
पटियाला से विदा होकर आचार्य दयारामजी महाराज धार्मिक जनता को निज दर्शन और उपदेशों से हर्षित करते हुये नाभा के पास पहुँचे । तब अपनी मर्यादा के अनुसार नाभा नरेश हीरासिंहजी को अपने आने की सूचना दी । सूचना मिलने पर नाभा नरेश हीरासिंहजी ने अपनी परंपरा के अनुसार राजकीय लवाजमा तथा भक्त मंडल के साथ संकीर्तन करते हुये जाकर आचार्य दयारामजी की अगवानी की । 
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मर्यादानुसार भेंट चढाकर प्रणाम किया । फिर बाजे गाजे के साथ संकीर्तन करते हुये आचार्यजी को नगर के मुख्य बाजार से ले जाकर नियत स्थान पर ठहराया । सेवा का सुन्दर प्रबन्ध कर दिया । सत्संग होने लगा । धार्मिक जनता सत्संग से लाभ प्राप्त करने लगी । राजा व राज परिवार आदि के बडे - बडे सज्जन भी आचार्यजी के दर्शन करने तथा दादूवाणी का प्रवचन सुनने आते थे । 
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नाभा में अच्छा सत्संग चला । फिर आचार्य दयारामजी नाभा से पधारने लगे तब नाभा नरेश हीरासिंहजी ने ३२५) रु. भेंट आचार्यजी को दी । राजा बलवीरसिंहजी ने २००) रु. भेंट करके अति श्रद्धा भक्ति से उपदेश भी श्रवण किया । धार्मिक जनता ने श्रद्धानुसार संतों की सेवा की तथा भेंटें भी दीं तथा सब ने सस्नेह विदा किया । आचार्य दयारामजी महाराज शिष्य संत मंडल के सहित नाभा से विदा होकर भ्रमण करते हुये नारायणा दादूधाम में पधार गये ।  
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मुंगध़डा में चातुर्मास ~ 
वि. सं. १९५९ में आचार्य दयारामजी महाराज को चातुर्मास का निमंत्रण मुंगध़डा के मगनीरामजी ने दिया । आचार्यजी ने स्वीकार कर लिया । चातुर्मास का समय समीप आने पर शिष्य संत मंडल के सहित आचार्य दयारामजी महाराज का अति आदर से सामेला किया और स्थान पर लाकर ठहराया । सत्संग आरंभ हो गया । अच्छा सत्संग चला । समाप्ति पर मर्यादानुसार आचार्यजी को भेंट तथा शिष्य संत मंडल को यथायोग्य वस्त्र देकर सस्नेह विदा किया ।
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शेखावटी की रामत ~ 
मुंगध़डा से विदा होकर आचार्य दयारामजी महाराज ने शेखावटी की रामत की । इस रामत में शेखावटी के नगरों के धनी मानी साहूकारों ने, जागीरदार ठाकुरों ने, स्थानधारी साधुओं ने तथा धार्मिक साधारण जनता ने आचार्य दयारामजी महाराज का अच्छा सत्कार किया । 
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शिष्य संत मंडल के सहित आचार्यजी की सेवा भी बहुत अच्छी की, सत्संग भी स्थान-२ पर अच्छा हुआ । आचार्य दयारामजी महाराज शेखावटी में भक्तों को दादूवाणी के उपदेशों द्वारा शांति सुख प्रदान करके नारायणा दादूधाम में पधार गये ।   
(क्रमशः)

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