मंगलवार, 24 मार्च 2026

भक्त के उत्तराधिकारी

*#daduji*
*॥ श्री दादूदयालवे नम: ॥*
*॥ दादूराम~सत्यराम ॥*
*"श्री दादू पंथ परिचय" = रचना = संतकवि कविरत्न स्वामी नारायणदास जी महाराज, पुष्कर, राजस्थान =*
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५- श्रीदादू जी महाराज के परम भक्त नवलगढ(शेखावटी राजस्थान) निवासी, वर्तमान में कलकत्ता के महान् उद्योगपति सेठ स्व. बंशीधर घनश्याम दास भक्त के उत्तराधिकारी दादू कालीचरण जुगल किशोर भक्त हैं । इस परिवार में वैभव होने पर भी दो- तीन पीढ़ियों से कोई पुत्र नहीं होने से परिवार में सूनापन सा था । 
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स्व. घनश्यामदासजी भक्त के समय से ही इनके यहाँ नारायणा दादूधाम के खालसा के संत धनीराम जी तथा ऊमरा वाले भगवानदास जी का प्राय: आना जाना था तथा सत्संग से भी परिवार लाभ उठाता था । धनीराम जी परिवार की अन्तर्व्यथा को जान गये थे और मिटाना भी चाहते थे ।
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अत: धनीरामजी ने प्रेरणा की कि - आचार्य प्रकाशदेवजी को यहाँ बुलाओ, मेरा विश्‍वास है कि उनके पधारने से आपकी इच्छा पूर्ण हो जायगी । तब उक्त परिवार ने आचार्य प्रकाशदेवजी महाराज को मर्यादापूर्वक  सादर कलकत्ते ले जाकर आचार्य जी के पावन चरणोदक  से अपने भवन को पवित्र किया और संतों सहित आचार्य जी की पूर्ण श्रद्धा भाव से सेवा की । 
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आचार्य प्रकाशदेव जी महाराज ने चि. जुगलकिशोर के शुभ विवाह के समय भक्त दम्पती को प्रसाद व दुपट्टा प्रदान करते हुये उनके मनोरथ पूर्ति का शुभाशीर्वाद दिया ।  फिर परम दयालु दादूजी महाराज की कृपा से आचार्य प्रकाशदेव जी के आशीर्वाद से उक्त भक्त दम्पती को अनेक पुत्र रत्नों की प्राप्ति हुई । 
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परिवार की इच्छा पूर्ण हो गई वह कृतकृत्य हो गया । फलत: उक्त भक्त परिवार ने पूर्ण श्रद्धा भक्ति से नारायणा दादूधाम की अच्छी सेवा की । दादूद्वारे में बिजली आदि की सेवा उन्होंने ही की है । समय- समय पर आप भेष, भंडार व स्थान की सेवा करते ही रहते हैं ।  
(क्रमशः)

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