*#daduji*
*॥ श्री दादूदयालवे नम: ॥*
*॥ दादूराम~सत्यराम ॥*
*साभार सौजन्य ~ “श्रीमद् दादू पंथ प्रकाश”
*श्रीमद्दादूपीठाधीश्वर(१९)श्री हरिरामजी महाराज का संक्षिप्त जीवन दर्शन~*
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षट्दर्शनी सन्त वाङ्मय के अध्येता व अधिकारी ~
शनैः शनैः संत वाणी के साधिकार कथा-वाचस्पति एवं विविध सात्संगिक विषयों के उद्बोधक तथा समस्त षट्दर्शनी-संत सरणि के वाङ्मय के कुशल अध्येता व प्रवक्ता हो गये ।
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अप्रतिम प्रवक्ता ~
आपको देश के महान् विद्वान् प्रखर प्रवक्ताओं को सुनने का बड़ा चाव था एतदर्थ जहाँ भी उनका उद्बोधन होता आप पहुँच जाते और वापस आकर अपने विद्वान् साथियों संतो व जानकारों को वहाँ सुने उद्बोधन को यथावत सुनाकर उनके भाषण या प्रवचन की व्याख्या कर हृदयंगम करते थे - यह आपके सद्गुणों में सर्वश्रेष्ठ नैपुण्य लिए वैशिष्ट्य था ।
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वे देश के मूर्धन्य प्रमुखतम वक्ताओं का क्रम इस प्रकार निर्धारण कर उन्हें सुनते ~
1. प.पूज्य माधवराव-सदाशिवराव-गोल्वल्कर महोदय ‘गुरूजी’
2. माननीय श्री अटलबिहारी जी वाजपेयी(प्रखर वक्ता)
३, महामण्डलेश्वर पूज्य श्री गंगेश्वरानन्द जी महाराज(प्रज्ञाचक्षु)
4. परम साध्वी सुश्री ऋतंभरा जी
“उच्च विश्लेषणात्मक निर्णय व धारणा उनके जीवन को महान् व उन्नत करने वाली सिद्ध हई, और वे संतसमाज में एक सच्चे अप्रतिम प्रतिभावान् प्रवक्ता बने ।”
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पीठारोहण~
परमपूज्य श्रीमद्दाददू पीठाधीश्वर(18) श्री प्रकाशदेव जी महाराज ने 20 वर्ष पर्यन्त मनसा वाचा-कर्मणा श्रीमद्दादूपीठ पर अधिष्ठित रहकर समाज का सुचारु संचालन और निष्ठा व नियम से अपने दायित्व का निर्वहन किया ।
चरित्र नायक युवा संत श्री हरिरामजी को श्री दादूमन्दिर की व्यवस्था सेवा व अध्ययन में तल्लीनता के लिए विविध ग्रन्थों के अध्ययन व मंथन का सुयोग मिलता रहा, और प्रत्येक संत-विधा व ज्ञानालोक का प्रकाश विस्तीर्ण होता गया, उस प्रगाढ़-पात्रता व विद्या योग्यता की ही समाज भगवान को अपेक्षा थी - “वे प्रखर व्यक्तित्व लिये सर्वथा गुण सम्पन्न संत” प.पू. स्व. पीठाचार्य(18) श्री प्रकाशदेव जी महाराज के ब्रह्मलीन होने पर श्रावण शुक्ला 5 शनिवार में 2023 वि. को पंथ की गरिमामय गुरुगद्दी पर अधिष्ठित हुये ।
(क्रमशः)

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