गुरुवार, 17 अक्टूबर 2013

= १६ =


#daduji 
卐 सत्यराम सा 卐
*दादू भांडा भर धर वस्तु सौं, ज्यों महँगे मोल बिकाइ ।*
*खाली भांडा वस्तु बिन, कौड़ी बदले जाइ ॥*
*दादू कनक कलश विष सौं भर्या, सो आवै किस काम ।*
*सो धन कूटा चाम का, जामें अमृत राम ॥*

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