शुक्रवार, 5 सितंबर 2014


#daduji
卐 सत्यराम सा 卐
पूरण ब्रह्म विचारिये, तब सकल आत्मा एक । 
काया के गुण देखिये, तो नाना वरण अनेक ॥ 
मति बुद्धि विवेक विचार बिन, माणस पशु समान । 
समझायां समझै नहीं, दादू परम गियान ॥

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