रविवार, 28 दिसंबर 2014

राम तूँ मोरा हौं तोरा

#daduji
卐 सत्यराम सा 卐 
राम तूँ मोरा हौं तोरा, पाइन परत निहोरा ॥ टेक ॥
एकै संगैं वासा, तुम ठाकुर हम दासा ॥ १ ॥
तन मन तुम कौं देबा, तेज पुंज हम लेबा ॥ २ ॥
रस माँही रस होइबा, ज्योति स्वरूपी जोइबा ॥ ३ ॥
ब्रह्म जीव का मेला, दादू नूर अकेला ॥ ४ ॥

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