🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🙏 *श्री दादूदयालवे नमः ॥* 🙏
🌷 *#श्रीसुन्दर०ग्रंथावली* 🌷
रचियता ~ *स्वामी सुन्दरदासजी महाराज*
संपादक, संशोधक तथा अनुवादक ~ स्वामी द्वारिकादासशास्त्री
साभार ~ श्री दादूदयालु शोध संस्थान
अध्यक्ष ~ गुरुवर्य महमंडलेश्वर संत श्री १०८ स्वामी क्षमारामजी महाराज
https://www.facebook.com/DADUVANI
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*सर्वांगयोगप्रदीपिका१(ग्रन्थ२) ~ प्रथम उपदेश*
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🙏 *श्री दादूदयालवे नमः ॥* 🙏
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रचियता ~ *स्वामी सुन्दरदासजी महाराज*
संपादक, संशोधक तथा अनुवादक ~ स्वामी द्वारिकादासशास्त्री
साभार ~ श्री दादूदयालु शोध संस्थान
अध्यक्ष ~ गुरुवर्य महमंडलेश्वर संत श्री १०८ स्वामी क्षमारामजी महाराज
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*सर्वांगयोगप्रदीपिका१(ग्रन्थ२) ~ प्रथम उपदेश*
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*केचित् चिरकुट बीनहिं पंथा ।*
*निर्गुन रूप दिखावैं कंथा ।*
*केचित् मृगछाला बाघम्बर ।*
*करते फिरहिं बहुत आडम्बर ॥३७॥*
कुछ लोग रास्ते में पडे फटे-पुराने चिथ़डों को ही वस्त्र-रूप में प्रयोग करते हुए, या गुद़डी ओढ़ते हुए अपने उत्कट वैराग्य का दिखावा करते हैं । और कुछ पाखण्डी हैं कि जो मृगचर्म या बाघ की चर्म पहन कर अपने को परम तपस्वी दिखाने का ढोंग रचते हैं ॥३७॥
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*केचित् वोढहिं वल्कल चीरा ।*
*शीत घांम कछु बचै न नीरा ।*
*केचित् नग्न उघारी देहा ।*
*होहिं दिगम्बर लावहिं खेहा ॥३८॥*
कुछ लोग वृक्ष की छाल ओढ़कर ही जीवनयापन करते हैं, जिससे न उनके शरीर की शीत से रक्षा हो पाती है, न धूप से, न वर्षा से । कुछ लोग नंगी देहवाले नंग-धड़ंग दिगम्बर बने रहते हैं एवं अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं और सोचते हैं-इसी से हमें मुक्ति मिल जायगी ॥३८॥
*निर्गुन रूप दिखावैं कंथा ।*
*केचित् मृगछाला बाघम्बर ।*
*करते फिरहिं बहुत आडम्बर ॥३७॥*
कुछ लोग रास्ते में पडे फटे-पुराने चिथ़डों को ही वस्त्र-रूप में प्रयोग करते हुए, या गुद़डी ओढ़ते हुए अपने उत्कट वैराग्य का दिखावा करते हैं । और कुछ पाखण्डी हैं कि जो मृगचर्म या बाघ की चर्म पहन कर अपने को परम तपस्वी दिखाने का ढोंग रचते हैं ॥३७॥
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*केचित् वोढहिं वल्कल चीरा ।*
*शीत घांम कछु बचै न नीरा ।*
*केचित् नग्न उघारी देहा ।*
*होहिं दिगम्बर लावहिं खेहा ॥३८॥*
कुछ लोग वृक्ष की छाल ओढ़कर ही जीवनयापन करते हैं, जिससे न उनके शरीर की शीत से रक्षा हो पाती है, न धूप से, न वर्षा से । कुछ लोग नंगी देहवाले नंग-धड़ंग दिगम्बर बने रहते हैं एवं अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं और सोचते हैं-इसी से हमें मुक्ति मिल जायगी ॥३८॥
(क्रमशः)

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