सोमवार, 17 जून 2019

= बेली का अँग ३६(१३-१४) =

#daduji


॥ दादूराम सत्यराम ॥ 
*श्री दादू अनुभव वाणी* 
टीका ~ संतकवि कविरत्न स्वामी नारायणदास जी महाराज, पुष्कर, राजस्थान ॥ 
*बेली का अँग ३६*
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अमृत बेली बाहिये, अमृत का फल होइ ।
अमृत का फल खाय कर, मुवा न सुणिया कोइ ॥ १३ ॥
अमृत बेलि लगाने से अमृत का ही फल लगेगा और अमृत फल खाकर कोई मर गया हो, ऐसा नहीं सुना जाता । वैसे ही भक्ति द्वारा मोक्ष प्राप्त करके पुन: कोई जन्म - मरणादि में आया हो, ऐसा नहीं सुना जाता ।
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दादू विष की बेलि बाहिये, विष ही का फल होइ ।
विष ही का फल खाय कर, अमर नहीं कलि कोइ ॥ १४ ॥
विष की बेलि बोने से विष का ही फल देगी और विष का फल खाकर इस कलियुग में कोई भी अमर नहीं होता । वैसे ही हृदय में विषय - वासना रखने से चित्त विषयों में ही जायेगा और विषयासक्त कोई भी अमर ब्रह्म को प्राप्त नहीं होता ।
(क्रमशः)

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