रविवार, 1 सितंबर 2019

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卐 सत्यराम सा 卐
*दादू निमिष न न्यारा कीजिये, अंतर थैं उर नाम ।*
*कोटि पतित पावन भये, केवल कहतां राम ॥* 
*(श्री दादूवाणी ~ स्मरण का अंग)* 
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साभार ~ Tapasvi Ram Gopal
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*नाम की महिमा महान् -*
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महिमा हरि के नाम की, महान भव विख्यात ।
जीवन्ती तोता सहित, रामधाम को जात ॥१०८॥
जीवन्ती नाम की वेश्या ने एक तोता पाल रखा था और उसे "राम राम" पढाया करती थी । वह भी निरंतर "राम राम" बोलता रहता था । अन्त में दोनों के प्राण एक ही दिन छूटे । 
यम दूत तथा विष्णु दूत उन्हें लेने आ पहुंचे । उन्हें पापी बता कर यम दूत ले जाने का आग्रह करने लगे । किन्तु "राम नाम" का माहात्म्य बतला कर विष्णु दूतों ने उन्हे मार कर भगा दिया और तोता सहित वेश्या को बैकुण्ठ में ले गये । यम दूतों के सेनापति चण्ड को गहरी मार पड़ी थी उन लोगों ने यमराज से कहा । 
यमराज बोले - "मरते समय राम नाम लेने वाले को भी मेरा भय नहीं रह जाता है फिर वे तो पहले से ही रटा करते थे । राम नाम सब पापों को नष्ट कर देता है ।" 
इससे सूचित होता है कि राम नाम की महान् महिमा है ।
### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ###
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
######## सत्य राम सा

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