रविवार, 1 सितंबर 2019

= १० =

卐 सत्यराम सा 卐
*चेत विचार जान जिय अपने, माया संग न जाई ।*
*दादू हरि भज समझ सयाना, रहो राम ल्यौ लाई ॥*
*(श्री दादूवाणी ~ पद्यांश. २३९)*
=======================
साभार ~ Tapasvi Ram Gopal
.
*साथ क्या ले जाओगे ?*
#############
गुरु नानक देव ने लोगों को सही दिशा के लिए लम्बी यात्राऐं की । वे एक बार मक्का की यात्रा करने के बाद बगदाद पहुंचे । लोगों ने उन्हे बताया कि एक खलीफा गरीबों का अमाननीय तरीके से शोषण करता है तथा धन एकत्र कर रहा है । खलीफा को सही रास्ते पर लाने के लिए उन्होने योजना बनाई ।
भाई मरदाने की सहायता से गुरुजी ने खलीफा के आवागमन वाले रास्ते को चुना । एक पेड़ के नीचे कंकड़-पत्थर का ढेर लगा दिया तथा उनकी गिनती करने लगे ।
खलीफा उधर से निकला तो पत्थर गिनते हुए नानक के पास पहुँचा और पूछने लगा कि यह आप क्या कर रहे हैं । गुरुजी बोलें - "जब मैं मरूंगा तो इन्हें अपने साथ ले जाऊंगा ।"
खलीफा के आश्चर्य व्यक्त करने पर नानकजी ने कहा - "जिस प्रकार आप अपनी सम्पति को अपने साथ ले जाएंगे, उसी तरह मैं भी पत्थरों को ले जाऊंगा ।"
खलीफा को यथार्थ बोध हो गया । गुरुजी से प्रभावित होकर उसने अपनी सम्पति गरीबों में बांट दी ।
### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ###
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
######## सत्य राम सा

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें