मंगलवार, 17 दिसंबर 2019

= ९ =

🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🇮🇳🙏🌷
https://www.facebook.com/DADUVANI
*दादू जाके जैसी पीड़ है, सो तैसी करै पुकार ।* 
*को सूक्ष्म, को सहज में, को मृतक तिहिं बार ॥*
*(श्री दादूवाणी ~ विरह का अंग)*
=====================
साभार ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी​ 
.
*श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु* *भाग ३* *प्रेमा भक्ति*
#################### 
रतवन्ती बाई वात्सल्य भाव की प्रेमी भक्त थी । एक दिन उसका पुत्र भगवत् कथा मे सुन कर आया और माता को सुनाया कि श्री कृष्ण को यसोदा ने ऊखल से बांध दिया है ।यह सुनते ही रतवन्ती ऐसा विचार करके कि मेरा सुकुमार कृष्ण रस्सी से बंधा हो और मैं सुख से बैठी रहूं यह कैसे हो सकता है । यह कह कर उसने तत्त्काल प्राण त्याग दिये । इससे सूचित होता है कि प्रेमी प्रियतम के दु:ख को नहीं सह सकता ।
प्रियतम दुख प्रेमी न सहे, विकल होय मर जाय ।
कृष्ण बाँधना सुन मरी, रतवन्ती अकुलाय॥३२४॥
#### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ####
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
### सत्यराम सा ###

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें