🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🇮🇳🙏🌷
*पर उपकारी संत जन, साहिब जी तेरे ।*
*जाती देखी आतमा, राम कहि टेरे ॥*
*(श्री दादूवाणी ~ साधु का अंग)*
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साभार ~ महन्त Ram Gopal तपस्वी
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*श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु,* *परोपकार*
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एक ब्राह्मण की गायें चोर ले गये । ब्राह्मण ने राजद्वार पर आकर पुकार लगाई । अर्जुन ने उसे आश्वासन दिया और अपने शस्त्र लाने महल में गये, तब ज्ञात हुआ कि शस्त्रों के स्थान में युधिष्ठिर द्रौपदी के साथ एकान्त में है, वहां जाने से नियम भंग होगा । (पांचों पांडवों ने द्रौपदी के लिये एक नियम बना रखा था कि प्रत्येक भाई दो महिने बारह दिन द्रौपदी के पास रहे । एक के समय में दूसरा जायेगा तो उसे १२ वर्ष वनवास भोगना होगा) और वन जाना होगा । अन्त में परहित के लिए वनवास भोगना निश्चय कर महल में जाकर शस्त्र ले आये और ब्राह्मण की गायें छुड़ा दी, तथा वन को चले गये ।
सज्जन परहित के लिये, तजें सुखों की आस ।
अर्जुन ने परहित लिये, अपनाया बनवास ॥८॥
#### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ####
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
^^^^^^^//सत्य राम सा//^^^^^^^

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