🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🇮🇳🙏🌷
*दादू दत्त दरबार का, को साधु बांटै आइ ।*
*तहाँ राम रस पाइये, जहँ साधु तहँ जाइ ॥*
*(श्री दादूवाणी ~ साधु का अंग)*
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साभार ~ महन्त Ram Gopal तपस्वी
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*श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु,* *परोपकार*
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महाराज महीरथ को विष्णु दूत बैकुण्ठ में ले जा रहे थे । मार्ग में नरक पड़े नरक निवासियों को उनके शरीर की वायु से बड़ा सुख हुआ । उन लोगों ने पुकारा - 'आप जरा यहाँ ही ठहरें, आपके देह की वायु से हमको बड़ा सुख हुआ है ।' यह सुन कर राजा ने दूतों से कहा - 'भाई ! मुझे तो यहां ही रहने दो ।' दूत- ' यहां तो नरक का दु:ख भोगना पड़ेगा ।' राजा - 'मुझे एक को दु:ख भोगना पड़ेगा, किन्तु इन सबको तो मेरे संग से सुख रहेगा ।'
महापुरुष परहित लिये, सह लेत दुख आप ।
भूप महीरथ नरक में, ठहर सही अति ताप ॥३५॥
#### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ####
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
^^^^^^^//सत्य राम सा//^^^^^^^

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