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*राम रसिक वांछै नहीं, परम पदारथ चार ।*
*अठसिधि नव निधि का करै, राता सिरजनहार ॥*
*(श्री दादूवाणी ~ निष्काम पतिव्रता का अंग)*
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साभार ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
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*श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु,* *साख्य भक्ति*
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महाभारत युद्ध के लिये भगवान श्रीकृष्ण के पास सहायता के लिये दुर्योधन और अर्जुन दोनों ही गये । भगवान ने कहा - 'एक और शस्त्र रहित मैं ही रहूंगा और दूसरी ओर शस्त्रों सहित मेरी सेना । दोनों में से जो चाहे पहले मांग ले ।' अर्जुन ने सेना को त्यागकर शस्त्र रहित श्रीकृष्ण को ही मांगा । इससे सूचित होता है कि सखा भक्त भगवान् को छोड़कर अन्य कुछ नहीं चाहते ।
सखा भक्त भगवान को, चहे अन्य कुछ नाँहि ।
लिया कृष्ण को पार्थ ने, शस्त्र रहित रणमाँहिं ॥१८१॥
#### श्री दृष्टान्त सुधा सिन्धु ####
### श्री नारायणदासजी पुष्कर, अजमेर ###
^^^^^^^//सत्य राम सा//^^^^^^^

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