🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
*काम कठिन घट चोर है, मूसे भरे भंडार ।*
*सोवत ही ले जायगा, चेतन पहरे चार ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ माया का अंग)*
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साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
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*#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु*, *काम निरूपण*
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एक कन्या ने यह प्रतिज्ञा की थी कि - "मैं उसके साथ विवाह करुंगी कि जो शूरवीर होगा ।" उसे ग्रहण करने बहुत से युवक आये, किन्तु कन्या के कथानानुसार वीरता का काम न कर सके । अन्त में एक वीर युवक आया, उससे कन्या ने कहा "यदि केवल तलवार से सिंह, वनेला हाथी और अपने सर्व शत्रुदल को मार दे, तो मैं आपके साथ विवाह कर सकती हूँ ।" वह वीर कन्या के कथानुसार कार्य करके आया और बोला - "अब तुम मेरे साथ विवाह करो ।"
यह सुन कर कन्या ने कहा -
"सिंह विदारण अरि दलन, अरू तोड़न गज दन्त ।
काम कटक से मुड़ चला, ऐसा कायर कन्त ॥"
कन्या का यह वचन सुनकर उस वीर ने कहा - "अच्छा ! अब मैं काम को भी जीतूंगा ।" ऐसा कहकर बिना विवाह किये ही तप करने के लिये वन को चला गया ।
महाशूर भी मानते, कामदेव से हार ।
करि केहरि अरि मारके, फिर भी चाही दार ॥१॥
यह सुन कर कन्या ने कहा -
"सिंह विदारण अरि दलन, अरू तोड़न गज दन्त ।
काम कटक से मुड़ चला, ऐसा कायर कन्त ॥"
कन्या का यह वचन सुनकर उस वीर ने कहा - "अच्छा ! अब मैं काम को भी जीतूंगा ।" ऐसा कहकर बिना विवाह किये ही तप करने के लिये वन को चला गया ।
महाशूर भी मानते, कामदेव से हार ।
करि केहरि अरि मारके, फिर भी चाही दार ॥१॥

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