🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
*दादू छानै छानै कीजिये, चौड़े प्रगट होइ ।*
*दादू पैस पयाल में, बुरा करे जनि कोइ ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ साँच का अंग)*
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साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
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*#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु*, *चोरी*
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एक चोर ने चोरी की, थानेदार के विशेष यत्न करने पर भी चोर का पता नहीं लगा । तब थानेदार ने सब गांव को इकठ्ठा किया और चोर का पता लगाने का प्रसंग चलाया । उसी प्रसंग में थानेदार बोला - "चोर की दाढी में तिनका ।" इतना कहते ही चोर ने समझकर कि कहीं मेरी डाढी में तिनका नहीं है शीध्र डाढी पर हाथ फेरा, बस थानेदार जान गया कि यही चोर है । विशेष ताड़ना देने पर उसने स्वीकार कर लिया ।
निजी छिपाये छिपत कब, चोर होत प्रख्यात ।
चोर डाढि में तृण कहत, आप हो गया ज्ञात ॥९४॥

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