मंगलवार, 15 सितंबर 2020

*चौबीस अवतार*

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*स्वामी दादू सुमिरिये, गहिये निर्मल ज्ञान ।*
*मनसा वाचा कर्मणा, सुन्दर धरिये ध्यान ॥*
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*सौजन्य ~ #भक्तमाल*, *रचनाकार ~ स्वामी राघवदास जी,* 
*टीका ~ संतकवि कविरत्न स्वामी नारायणदास जी महाराज, पुष्कर, राजस्थान* 
*साभार ~ श्री दादू दयालु महासभा*, *साभार विद्युत संस्करण ~ रमा लाठ*
*मार्गदर्शक ~ @Mahamandleshwar Purushotam Swami*
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*चौबीस अवतार* 
*छप्पय-*
*चतुरदास अवतार जो, जन राघव के उर वसो ॥ टे.*
*कच्छ मच्छ वाराह, नमो नृसिंह वामन बलि ।*
*रघुवर फरशाधरन, सुयश पवित्र कृष्ण कलि ॥*
*व्यास कलक्की बुद्ध, मन्वन्तर पृथु हरि हंसा ।*
*हयग्रीव यज्ञ ऋषभ, धन्वन्तरि ध्रुव वरदंसा ॥*
*दत्त कपिल सनकादि मुनि, नर-नारायण सुमरि सो ।*
*चतुरदास अवतार जो, जन राघव के उर बसो ॥३३॥*
१.कच्छप, २.मत्स्य, ३.वराह, ४.नृसिंह, ५.बलि को छलने वाले वामन, ६.रघुवरराम, ७.परशुराम, ८.कलि में सुयश वाले कृष्ण, ९.व्यास, १०.बुद्ध, ११.मन्वन्तर, १३.पृथु, १४.हरि, १५.हंस, १६.हयग्रीव, १७.यज्ञ, १८.ऋषभदेव, १९. धन्वन्तरि, २०.ध्रुव को वर देने वाले, २१.दत्तात्रेय, २२.कपिलदेव, २३.सनकादि मुनि, १४.नर-नारायण; ये जो चौबीस हैं इन सब का स्मरण करके मैं प्रार्थना करता हूँ कि ये सभी मुझ राघवदास के हृदय में निवास करें जिससे भक्तमाल सुन्दर बन सके ।
*चौबीस अवतार*
गिनती अवतारों के नाम, युग, मास, पक्ष तिथि, समय जिस देश में अवतीर्ण हुये उस देश का नाम 
१. मत्स्य, कृत, अ. शु. ११, प्रातः, पुष्पभद्रा 
२. कच्छप, कृत, आ. कृ. ३, प्रातः, समुद्र 
३. वराह, कृत, भा. शु. ५, मध्यान्ह, हरिद्वार 
४. नृसिंह, कृत, वै. शु. १४, मध्यान्ह, पंजाब(मुलतान) 
५. वामन, त्रेता, भा. शु. १२, मध्यान्ह, प्रयाग 
६. परशुराम, त्रेता, वै. शु. ३, मध्यान्ह, यमुनियाग्राम 
७. श्री रघुपतिराम, त्रेता, चै. शु. ९, मध्यान्ह, अयोध्या 
८. श्रीकृष्ण, द्वापर, भा. कृ. ८, अर्द्धरात्र, मथुरा 
९. बुद्ध, द्वापर, पौ. शु. ७, प्रातः, गया(कीकट)
१०. कल्की, कलि, मा. शु. ३, सम्बलग्राम(मुरादाबाद)
ये दस अवतार अधिक प्रसिद्ध हैं ।
कल्प भेद से इनके मास, पक्ष तथा तिथियों में कहीं कहीं कभी भेद भी पाया जाता है ।
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गिनती, अवतारों के नाम, युग, देश 
११.  व्यास, द्वापर, कालपी 
१२.  पृथु, कृत, ब्रह्मावर्त(बिठूर)
१३.  हरि, कृत, त्रिकूटाचल 
१४.  हंस, कृत, ब्रह्मलोक 
१५.  मन्वन्तर, कृत, ब्रह्म, सूर्य भूलोकों में 
१६.  यज्ञ(उरुकुरुम), कृत, बद्री 
१७.  ध्रववरद, कृत, मथुरा निकट वन में 
१८.  हयग्रीव, कृत, काम रूप
१९.  ऋषभदेव, कृत, ब्रह्मावर्त 
२०.  धन्वन्तरी, कृत, समुद्र 
२१.  नर नारायण, कृत, बदरिकाश्रम 
२२.  दत्तात्रेय, कृत, चित्रकूट 
२३.  कपिलदेव, कृत, बिन्दु सरोवर के समीप 
२४.  सनकादिकचार, कृत, ब्रह्मलोक 
(क्रमशः)

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