🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
🌷 *#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु* 🌷
*दादू पैंडे पाप के, कदे न दीजे पांव ।*
*जिहिं पैंडे मेरा पीव मिले, तिहिं पैंडे का चाव ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ साँच का अंग)*
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साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
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*#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु*, *धर्माधर्म निरुपण*
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बगदाद के खलीफा बाजीद के सेनापति मुहम्मद-बिन-कासिम ने सिंध के राजा दादर पर आक्रमण किया और उसको नष्ट कर, उनकी दो पुत्रियां सूर्य और परमाल को बगदाद भेज दिया । वहां उन्होंने अपनी बुद्धि से पिता के मारने वाले सेनापति का वध कराया और धर्म रक्षा के लिये बगदाद के खलीफा के ऐश्वर्य पर लात मारकर दोनों बहिनें आपस में कटार खाकर मर गयी थीं ।
धर्म रहित ऐश्वर्य नहीं, धर्मात्मा को भाय ।
सूर्य अरू परमल दो, मरी कटारी खाय ॥३९॥

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