शुक्रवार, 18 सितंबर 2020

*दोहि धरा सब बाँटि दई रिधि*

🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🙏🇮🇳 *卐सत्यराम सा卐* 🇮🇳🙏
🌷🙏🇮🇳 *#भक्तमाल* 🇮🇳🙏🌷
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*दादू दत्त दरबार का, को साधु बांटै आइ ।*
*तहाँ राम रस पाइये, जहँ साधु तहँ जाइ ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ साधु का अंग)*
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*सौजन्य ~ #भक्तमाल*, *रचनाकार ~ स्वामी राघवदास जी,* 
*टीका ~ संतकवि कविरत्न स्वामी नारायणदास जी महाराज, पुष्कर, राजस्थान* 
*साभार ~ श्री दादू दयालु महासभा*, *साभार विद्युत संस्करण ~ रमा लाठ*
*मार्गदर्शक ~ @Mahamandleshwar Purushotam Swami*
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*बुद्ध छुड़ाय यज्ञादिक जीवन,*
*जैन दया ध्रम को विसतारा ।*
*रूप कलक्कि जबै धरि हैं हरि,*
*भूप करैं अपराध अपारा ॥*
*व्यास पुरानन वेद सुधारन,*
*भारत आदि विदांत उचारा ।*
*दोहि धरा सब बाँटि दई रिधि,*
*गांव पुरादिक पृथ्थु सुधारा ॥१२॥*
९. बुद्ध अवतार ने यज्ञ में जीवों की बलि रूप में हिंसा होती थी उसको छुड़ाया और जैन मत प्रधान धर्म रूप दया का विस्तार किया । 
१०. कल्की अवतार तब होंगे जब राजा लोग नीति छोड़कर अपार अपराध करने लगेंगे । 
११. व्यास अवतार ने पुराणों की रचना की, वेद का ठीक व्यवस्था करना रूप सुधार किया, महाभारत इतिहास लिखा और वेदान्त शास्त्र का निर्माण करके जिज्ञासुओं का अत्यधिक उपकार किया । 
१२. पृथु अवतार ने पृथ्वी का दोहन करके ऐश्वर्य रूप ऋद्धि सब में वितरण की, गांव, पुर आदि का व्यवस्था पूर्वक सुधार किया ।
(क्रमशः)

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