मंगलवार, 22 सितंबर 2020

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🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷
🌷🙏 *卐 सत्यराम सा 卐* 🙏🌷
🌷 *#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु* 🌷
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*दादू सब ही गुरु किए, पशु पंखी बनराइ ।*
*तीन लोक गुण पंच सौं, सबही मांहिं खुद आइ ॥*
*(#श्रीदादूवाणी ~ गुरुदेव का अंग)*
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साभार ~ ### स्वामी श्री नारायणदासजी महाराज, पुष्कर, अजमेर ###
साभार विद्युत् संस्करण ~ महन्त रामगोपालदास तपस्वी तपस्वी
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*#०दृष्टान्त०सुधा०सिन्धु*, *श्री गुरु निरूपण*
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दत्तात्रेयजी को चौबीस गुरुओं से उपदेश मिला, यह कथा भागवत एकादश स्कन्ध में प्रसिद्ध है । उन्हें पृथ्वी, वायु, नभ, जल, अग्नि, चन्द्र, सूर्य, कपोत, अजगर, समुद्र, पतंग, मधुमक्षिका, हाथी, मधुहा, हरिण, मीन, पिंगला, कुकरपक्षी, बालक, कुमारी, बाण बनानेवाला, सर्प, मकङी,और भ्रमर इन २४ से उपदेश मिला था ।
अधिकारी को मिलत है, सब थल गुरु उपदेश ।
दत्ता सु गुरु चौबीस की, कथा प्रगट सब देश ॥६॥

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